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नीम कैसे किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखता है?
पà¥à¤°à¤šà¥€à¤¨ काल से ही आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में नीम का à¤à¤°à¤ªà¥‚र पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा रहा है। नीम à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वृकà¥à¤· है जिसका कण-कण आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि है। अगर आप आज à¤à¥€ गाà¤à¤µ देहात की ओर जाà¤à¤‚गे तो आपको नीम के पेड़ तक़रीबन घर-घर में मिल जाà¤à¤‚गे और à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से लोग à¤à¥€ मिलेंगे जो आपको नीम के फायदों की जानकारी à¤à¥€ देंगे।नीम का हर à¤à¤• à¤à¤¾à¤— चाहे नीम की जड़ हो, नीम के पेड़ की छाल, पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फूल और नीम के बीज की गà¥à¤ ली और बीज का तेल इन सबका अपना अलग महतà¥à¤µ है।नीम के यà¥à¤µà¤¾ फलों को टॉनिक और कसैले के रूप में उपयोग किया जाता है, और छाल का उपयोग à¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• के रूप में और मलेरिया और तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोगों के इलाज के लिठकिया जाता है।
नीम वृकà¥à¤· (अज़ाडिराछ इंडिका) à¤à¤• सदाबहार पेड़ है जो महोगनी परिवार का हिसà¥à¤¸à¤¾ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में, नीम को आमतौर पर “गांव की फारà¥à¤®à¥‡à¤¸à¥€â€ कहा जाता था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें असंखà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठहैं।नीम में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ पाया जाता है जिससे यह बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा नीम इंफेकà¥à¤¶à¤¨, तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी बीमारियां, मलेरिया, à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी कई बीमारियों के इलाज में à¤à¥€ उपयोग किया जाता है। नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में पाठजाने वाले ततà¥à¤µ कई तरह के फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ को रोकने में सहायक सिदà¥à¤§ होते हैं। नीम हर तरह से शरीर के रोगों को दूर करने में लाà¤à¤•ारी है। नीम का पेड़ आपकी किडनी को à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में आपकी सहयता करता है, यदि आप अपनी किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखना चाहते हैं तो आपको नीम का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— जरूर रखना चाहिà¤à¥¤
नीम इस पà¥à¤°à¤•ार किडनी को रखे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥
किडनी हमारे शरीर को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठकई जरूरी कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अंजाम देती है। यह हमारे शरीर में बहने वाले खून को साफ करने का कारà¥à¤¯ करती है, जिसके कारण से ही हमारे शरीर में रासायनिक संतà¥à¤²à¤¨ (chemical equilibrium) बना रहता है, साथ ही किडनी हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने का कारà¥à¤¯ à¤à¥€ करती है। लेकिन कई बार à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आती है जिसके चलते किडनी खराब हो जाती है और उस दौरान किडनी अपने जरूरी कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को अंजाम नहीं दे पाती। इसके अलावा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को उस दौरान कई शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ सामना करना पड़ता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हम सà¤à¥€ किडनी खराब होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के रूप में जानते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में हमें चाहिठकी हम नीम की मदद से अपनी किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखे और हमेशा सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बने रहे, तो चलिठजानते हैं नीम कैसे किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद करता है –
खून साफ़ करने में मदद करे नीम –अगर खून ठीक से साफ़ ना हो तो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। किडनी हमारे शरीर में बहने वाले खून को साफ करने का काम करती है।नीम à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ रकà¥à¤¤ शोधक और विषहरण के रूप में काम करता हैं। यह हानिकारक विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने में मदद करता है और शरीर के सà¤à¥€ à¤à¤¾à¤—ों में आवशà¥à¤¯à¤• पोषक ततà¥à¤µ और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ ले जाने में मदद करता है।पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन कई हफà¥à¤¤à¥‡ के लिठ2 या 3 नरà¥à¤® नीम के पतà¥à¤¤à¥‡ शहद के साथ खाली पेट खाने से आप अपने शरीर और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ महसूस करने लग जाà¤à¤‚गे। आप नीम की चाय à¤à¥€ पी सकते हैं।आपको बता दे कि किडनी खराब होने पर किडनी अपने इस काम को नहीं कर पाती जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को काबू करे नीम –अगर आप मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से जूठरहे हैं तो आपको पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 4 या 5 नरà¥à¤® नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाली पेट चबा सकते हैं। इससे आपका मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का बà¥à¤¾ हà¥à¤† सà¥à¤¤à¤° काबू में आने लगता है। लेकिन, फ़िलहाल यह पूरी तरह से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं हो पाया है कि मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के इलाज में नीम कितना उपयोगी है। हाठपर नीम के पतà¥à¤¤à¥‡ खाने से शरीर में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है। नीम में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ रसायन मौजूद होते हैं जो इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ को सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ करते हैं जिससे शरीर में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का लेवल बढ़ जाता है और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ नहीं होती है। आपको बता दें कि मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ किडनी खराब होने का सबसे बà¥à¤¾ कारण माना जाता है, इसलिठइसको हमेशा काबू में ही रखना चाहिà¤à¥¤
गठिया से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाठनीम –गठिया जोड़ो से जà¥à¤¡à¥€ हà¥à¤ˆ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसमे रोगी को काफी दरà¥à¤¦ का सामना करना पड़ता है और गठिया किडनी खराब होने की ओर à¤à¥€ साफ संकेत करता है। गठिया होने का अरà¥à¤¥ है कि आपकी किडनी या तो खराब हो चà¥à¤•ी है या फिर निकट à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में खराब हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में नीम के सेवन से गठिया से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सकता है। नीम के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (असà¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤‚धिशोथ) और रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€ गठिया से बड़ी आसानी से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सकता है। इसके लिठआप निमà¥à¤¨ वरà¥à¤£à¤¿à¤¤ विधि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं :-
1 कप पानी लें और उसमे à¤à¤• मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फूलों को उबाल अचà¥à¤›à¥‡ से लें। उबलने के बाद आप इस काà¥à¥‡ को छानकर ठंडा होने दे। यह दिन में दो बार 1 महीने तक सेवन करने से गठिया के दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करता है।
या फिर आप नीम तेल के साथ नियमित मालिश à¤à¥€ मांसपेशियों के दरà¥à¤¦ और जोड़ों के दरà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ राहत देती है। नीम के तेल की मालिश पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करने में फायदेमंद है।
कà¥à¤¯à¤¾ नीम से कोई नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकता है?
हाà¤, नीम के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से कई नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं। इसके आपको नीम का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से पहले कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखना चाहिठजो कि निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है :-
यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो सकते हैं तो आपको हर रूप में नीम से दूर के सेवन से दूर रहना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• नीम के संपरà¥à¤• में अति सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाती है। यह शरीर को शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ कोशिकाओं को असà¥à¤µà¥€à¤•ार करने या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण को बाहर निकालने का कारण बन सकता है।
नीम खाने से रकà¥à¤¤ में शरà¥à¤•रा का सà¥à¤¤à¤° कम होने लगता है। इसलिठयदि आप उपवास कर रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप नीम के मौखिक सेवन से बचें।
जैसा की हम सà¤à¥€ को मालूम है कि नीम का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— दरà¥à¤¦ निवारक के रूप में किया जाता है इसलिठनीम का सेवन सही मातà¥à¤°à¤¾ और सही तरीके से करें अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ आपको थकान और सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ à¤à¥€ हो सकतीहै।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीजों को बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठनीम के तेल के सेवन की सलाह दी जाती है लेकिन अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इस तेल का सेवन करने से मरीज को शरीर में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ का à¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ हो सकता है और वह कोमा में जा सकता है।
यदि आप बालों के लिठनीम के तेल का उपयोग कर रहे हैं (जैसे रूसी के मामले में), तो यह बालों को धोते समय आंखों में जलन का कारण बन सकता है।
करà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किडनी फेलà¥à¤¯à¥‹à¤° का आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार
करà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ वरà¥à¤· 1937 में धवन परिवार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ की गयी थी। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में इसकी बागडौर डॉ. पà¥à¤¨à¥€à¤¤ धवन संà¤à¤¾à¤² रहे हैं। आपको बता दें कि करà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾ में डायलिसिस और किडनी टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट के बिना किडनी का इलाज किया जाता है। करà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ पीड़ित को बिना डायलिसिस और किडनी टà¥à¤°à¤¾à¤‚सà¥à¤ªà¤²à¥‡à¤‚ट के ही पà¥à¤¨à¤ƒ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करता है। करà¥à¤®à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ बीते कई वरà¥à¤·à¥‹ से इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में किडनी पीड़ितों की मदद कर रहा है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक जड़ी-बूटियों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। जिससे हमारे शरीर में कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं होता है। डॉ. पà¥à¤¨à¥€à¤¤ धवन ने केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही नहीं बलà¥à¤•ि विशà¥à¤µà¤à¤° में किडनी की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ मरीजों का इलाज आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया है। साथ ही डॉ. पà¥à¤¨à¥€à¤¤ धवन ने 35 हजार से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ किडनी मरीजों को रोग से मà¥à¤•à¥à¤¤ किया है। वो à¤à¥€ डायलिसिस या किडनी टà¥à¤°à¤¾à¤‚सपà¥à¤²à¤¾à¤‚ट के बिना।
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